खंजरीला घाट पर हुई उस रहस्यमयी मौत के बाद विजय और रॉकी के हाथ एक काला बैग लगता है, जिसमें पासवर्ड से बंद एक लैपटॉप है। पुलिस से बचने के लिए दोनों आधी रात को उसे वापस लाश के पास रखने निकल पड़ते हैं। रास्ते में विजय को एहसास होता है कि दानव की कहानी झूठी थी और यह मौत एक सोची-समझी साजिश है। लेकिन असली साजिश आखिर किसके खिलाफ रची गई है?