टैक्सी ड्राइवर विजय की ज़िंदगी अपनी पत्नी अनाया और जिगरी यार रॉकी के साथ आराम से कट रही थी, लेकिन उन दोनों की आपसी मुस्कुराहटें उसे खटकने लगती हैं। एक रात पत्नी को शहर छोड़कर लौटते वक्त, भूतिया खंजरीला घाट के यू-टर्न पर उसकी कार के सामने एक सफ़ेद आकृति चीखते हुए गिर पड़ती है। उसके बाद आधी रात को दरवाज़े पर दस्तक होने लगती है। क्या यह घाट का दानव है, या कोई गहरी साजिश?